RRGwrites

On life…and learning

Archive for September 2018

जनेऊ…

leave a comment »

आज फिर से सुन रहा था टीवी पर बहस कि राहुल गांधी कितने बड़े हिंदू हैं और शिवभक्त हैं। किसी पार्टी प्रवक्ता ने बड़ा ज़ोर दे कर कहा कि राहुल बाबू ‘जनेऊधारी हिंदू’ हैं! देखता हूँ कि कुछ समय से उनके जनेऊधारी होने पर काफ़ी बातचीत हो रही है। इसपर एक पुरानी कहानी याद आती है; गुरु नानकदेव जी के जनेऊ संस्कार की। उनके पिता ने जनेऊ संस्कार के लिए कुल पुरोहित को बुलाया। जब पुरोहित आए तो नानक देव ने उन्हें प्रणाम किया और पूछा, ‘महाराज, आप जो मुझे ये सूत का धागा पहना रहे हैं उससे क्या फायदा होगा?’ पुरोहित ने कहा, ‘सूत का धागा डालने से आपका नया जन्म हो जाएगा, आप नए हो जाएंगे। यह सवर्णों की पहचान है। इसे देख कर लोग समझ जाएंगे कि यह कोई सवर्ण व्यक्ति है न कि शूद्र। यह जानने के बाद लोग आपका सम्मान करेंगे, जैसे सवर्णों का किया जाता है।’

पुरोहित के उत्तर से नानक देव संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने पुरोहित से दो और सवाल पूछे। एक, सवर्णों का सम्मान क्यों किया जाना चाहिए? दो, अगर ये जनेऊ टूट गया तो? पुरोहित जी का जवाब था, सवर्णों का सम्मान इसलिए होना चाहिए क्योंकि वे श्रेष्ठ होते हैं। दूसरे सवाल का आसान जवाब उन्होंने यह दिया कि जनेऊ टूट गया तो बाजार से दूसरा आ जाएगा। अब नानक का चेहरा गंभीर हो गया।

उन्होंने पूछा, ‘सवर्णों को क्या ईश्वर ने श्रेष्ठ बनाया है या उन्होंने स्वयं ही खुद को श्रेष्ठ घोषित कर दिया है?’ पुरोहित इस सवाल पर निरुत्तर हो गए। नानक ने जनेऊ डालने से इंकार करते हुए कहा कि जो धागा खुद टूट जाता है, जो बाज़ार में बिकता है, उससे परमात्मा की खोज क्या होगी। उन्होंने कहा, ‘मुझे जिस जनेऊ की आवश्यकता है, उसके लिए दया की कपास, संतोष का सूत, और संयम की गांठ होनी चाहिए। यह जनेऊ न टूटता है, ना इसमें मैल लगता है। यह न जलता है, न खोता है और न ही बाजार में बिकता है।’

कहानी पुरानी है; पर राहुल बाबू को और बाक़ी लोगों को भी पढ़नी चाहिए… शायद कुछ फ़ायदा हो।

Advertisements

Written by RRGwrites

September 1, 2018 at 8:45 AM

Posted in Life

%d bloggers like this: